- हवालात में बेहोश मिला पीआरडी जवान, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
- परिजनों ने पुलिस पर हत्या और साजिश के लगाए आरोप
देहरादून: रायपुर थाने में पुलिस कस्टडी के दौरान एक पीआरडी जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सुनील रतूड़ी निवासी पीआरडी कॉलोनी, तपोवन रोड के रूप में हुई है। घटना के बाद जहां पुलिस प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं, वहीं परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को हत्या बताया है।
पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 3:15 बजे एमडीटी के माध्यम से थाना रायपुर को सूचना मिली कि लाडपुर स्थित महादेव फ्यूल पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति पेट्रोल भराने के बाद पैसे नहीं दे रहा है। नशे की हालत में कर्मचारियों से अभद्रता कर रहा है। सूचना पर पहुंची चीता पुलिस टीम ने मौके पर व्यक्ति को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना।
पुलिस ने बताया कि सुनील के काफी शराब पी रखी थी। जिसके बाद उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185/207 के तहत गिरफ्तार कर थाने लाया गया था। थाने लाए जाने के बाद भी सुनील रतूड़ी लगातार हंगामा कर पुलिस कार्य में बाधा डाल रहा था। काफी समझाने के बावजूद जब वह शांत नहीं हुआ, तो जामा तलाशी के बाद उसे हवालात में बंद कर दिया गया था।
कुछ देर बाद ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने जब हवालात की जांच की, तो सुनील रतूड़ी बेहोशी की हालत में मिला। आनन-फानन में पुलिसकर्मी उसे बाहर निकालकर कोरोनेशन अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरे मामला में एसएसपी ने थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
मौत के बाद परिजनों का हंगामा
पुलिस कस्टडी में सुनील रतूड़ी की मौत की खबर मिलते ही परिजन रायपुर थाने और अस्पताल पहुंच गए, जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया। मृतक की पत्नी और परिजनों ने दावा किया कि सुनील के शरीर, खासकर गले पर फांसी जैसे कोई स्पष्ट निशान नहीं थे। जिससे आत्महत्या की बात संदिग्ध लगती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें शाम करीब 6 बजे अस्पताल बुलाया गया। जबकि मौत पहले ही हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस पर हत्या के आरोप
घटना के बाद थाने पहुंचे मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतक की पत्नी और अन्य परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि पुलिस की साजिश है। उनका कहना है कि सुनील रतूड़ी को थाने लाए जाने की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई और मौत के बाद जानकारी दी गई। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह आत्महत्या है, तो शरीर पर फांसी के स्पष्ट निशान क्यों नहीं हैं। उनका दावा है कि सुनील को पहले ही मार दिया गया था और बाद में पूरे मामले को आत्महत्या का रूप दिया गया।
जांच के बाद ही खुलेगा राज
पूरा मामला पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील हो गया है। एक तरफ पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, वहीं परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। अब सभी की निगाहें मजिस्ट्रेटी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पूरे मामले की न्यायिक/मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
जांच को निष्पक्ष रखने के लिए थानाध्यक्ष रायपुर समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया गया है – प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी देहरादून
