देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी में आज विधानसभा के बाहर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक व श्रमिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को जनविरोधी बताते हुए तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही, राज्य आंदोलन में छूट गए आंदोलनकारियों के पुन: चिन्हीकरण की मांग को लेकर भी सड़कों पर उतरे, साथ राज्य श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की
प्रदर्शन के बाद संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम अर्पणा डौंण्डियाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीन मुख्य मांगें रखी गईं:
पहली मांग: रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड तुरंत रद्द हो। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, 26 किमी लंबी यह परियोजना अत्यधिक महंगी (अनुमानित लागत 4,500 करोड़ से बढ़कर 6,200 करोड़, 8-10 हजार करोड़ तक पहुंचने की आशंका) और हज़ारों परिवारों के विस्थापन का कारण बनेगी। देहरादून के उच्च भूकंपीय क्षेत्र एवं नदियों के ढीली बालू पर बहने के कारण द्रवीकरण (Liquefaction) का खतरा बताया गया। वैकल्पिक समाधान के तौर पर 500 इलेक्ट्रिक बसें, आंतरिक सड़कों को चौड़ा करना और नदियों के कायाकल्प की मांग की गई।
दूसरी मांग: छूटे हुऐ आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण वर्ष 2004-05 के प्रारंभिक मापदंड के तहत किया जाए। बिना साक्ष्य वालों के लिए उस समय के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में प्रकाशित नाम व फोटो को पर्याप्त आधार माना जाए। जिला स्तर पर वास्तविक आंदोलनकारियों की समिति बनाई जाए।
रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) में सीआईटीयू के नेतृत्व में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने विधानसभा पर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को एक अलग ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:· वीगार्ड फैक्ट्री रूद्रपुर सहित प्रदेश की फैक्ट्रियों में श्रमिक उत्पीड़न रोका जाए।
· न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये किया जाए।· प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाए और मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाए।स्कीम वर्करों को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। पिछले छह माह से फ्रीज श्रम कानूनों को तुरंत बहाल किया जाए।
प्रदर्शन में बस्ती बचाओ आंदोलन, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद, सीआईटीयू, यूकेडी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी, आयूपी, नेताजी संघर्ष समिति सहित कई संगठन शामिल हुए। एसडीएम ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं, ज्ञापन देने वालों में अनंत आकाश संयोजक बस्ती बचाओ आन्दोलन , लेखराज जिला महामंत्री सीआईटीयू, प्रमिला रावत वरिष्ठ नेती यूकेडी, नवनीत गुंसाई संरक्षक आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद , सुरेश कुमार, अमित परमार, विकास रावत, वालेश बबानिया महामंत्री आरयूपी, भगवंत पयाल, अभिषेक भंडारी, रविंद्र नौडियाल, एन एस पंवार, सतीश धौलाखंडी, सुमिता रावत, नितिन बौंठियाल, सुनीता बहुगुणा, कल्पेश्वरी, यशोदा, राजी, मीरा गुंसाई, विमला, रमेश रावत, चिन्तन सहित कई नेता व बडी संख्या में विभिन्न संगठनो के कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
