उप्र के सचिवालय में घूसखोरी के मामला का हुआ खुलासा, स्टिंग मे तीन निजी सचिव फंसे, सरकार ने जांच को गठित की एसआईटी

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)– (विष्णु चतुर्वेदी उरई ‘खोजी’ द्वारा) उत्तर प्रदेश सरकार की योगी सरकार ने एक टीवी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के बाद तीन वरिष्ठ मंत्रियों, ओम प्रकाश राजभर, अर्चना पांडे और संदीप सिंह के निजी सचिवों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। स्टिंग ऑपरेशन में निजी सचिव ट्रांसफर, अनुबंध आदि हासिल करने के लिए रिश्वत मांगते देखे गए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (सचिवालय) महेश गुप्ता ने कहा कि सरकार मामले की जांच करवाएगी। दोषी पाए जाने पर ऐसी कार्रवाई होगी, जो दूसरों के लिए सबक साबित होगी। उन्होंने कहा कि निजी सचिवों को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में योगी सरकार ने एडीजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। इस स्टिंग ऑपरेशन में पिछड़ा वर्ग के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के निजी सचिव ओमप्रकाश कश्यप एक ट्रांसफर के लिए 40 लाख रुपये की रिश्वत मांगते देखे जा सकते हैं।
इस रिकॉर्डिग में सचिवालय के स्टाफ कॉन्ट्रैक्टर बने संवाददाता को स्कूल बैग और यूनिफॉर्म के कॉन्ट्रैक्ट का ठेका उनके पक्ष में किए जाने को लेकर आश्वस्त करते देखे जा सकते हैं। मंत्री के निजी सचिव जुराबों और जूतों के टेंडर को लेकर कमिशन लेते देखे जा सकते हैं। वहीं इस पूरे मामले में राजभर ने स्पष्ट किया है कि उनका इस पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने अपने विभाग के प्रमुख सचिव से इस पूरे मुद्दे पर जांच का आदेश देने के लिए कहा है।
इसी स्टिंग ऑपरेशन में खनन राज्य मंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव संवाददाता से सौदा करते देखे जा सकते हैं, जिसमें लगभग आधा दर्जन जिलों के खनन सौदे उनके पक्ष में किए जाने को लेकर सौदा हो रहा है। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव इस स्टिंग ऑपरेशन में किताबों के अनुबंध पर सौदा करते देखे जा सकते हैं। संदीप सिंह उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के. मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिह के नाती हैं।
खनन राज्य मंत्री अर्चना पांडे ने दोषी निजी सचिवों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। अर्चना पांडे ने कहा, ”ये मेरे लिए बहुत आश्चर्य की बात है कि मेरे ही कमरे में ऐसा काम हो रहा था। मेरी राजनीति की शुरूआत बेहद ईमानदार रही। पिछले दो साल में मैंने पूरा प्रयास किया है कि मैं ईमानदार रहूं। इसके खिलाफ जांच करवाऊंगी और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।