नवाचारी शैक्षिक विमर्श एव शिक्षक सम्मान समारोह का.आयोजन 8 & 9 जून को हरिद्वार में: डा.गार्गी मिश्रा

*देहरादून-अभ्युदय वात्सल्यम समिति की अध्यक्ष/निदेशक डॉ (श्रीमती)गार्गी मिश्रा एवं कार्यक्रम संयोजक संजय वत्स ने बताया कि हरिद्वार में 8-9जून 2019को देश के विभिन्न राज्यों के नवाचारी शिक्षक हरिद्वार के टाऊन हॉल, नगर निगम, हरिद्वार के टाऊन हॉल,नगर निगम मे जुटेंगे।*
सरकारी शिक्षा की बेहतरी व शिक्षण में नवाचार की भूमिका को लेकर अभ्युदय वात्सल्यम् समिति के मंथन कार्यक्रम में शिक्षक न सिर्फ अपने नवाचारो का प्रदर्शन करेंगे बल्कि टीएलएम प्रदर्शनी, विभिन्न मॉटीवेशनल स्पीकर्स भी अपने व्याख्यान देंगे।इस मौके पर इनोवेटिव टीचर्स अवार्ड -2019भी वितरित किया जाऐगा।
डॉ गार्गी ने बताया कि देखा जाए तो नवाचार परिवर्तन और नवाचार एक दूसरे के पारस्परिक पूरक या पर्याय है।स्पष्ट करे कि “नवाचार कोई नया कार्य करना ही मात्र नही है वरन किसी भी कार्य को नए तरीके से करना भी नवाचार है ”
व्यक्ति और समाज मे हो रहे परिवर्तनो का प्रभाव शिक्षा पर भी पड़ा है शिक्षा को समयानुकूल बनाने के लिए शैक्षिक विधाओ में नवाचार ने अपनी उपयोगिता और सार्थकता स्वयं सिद्ध कर दी है ।सरकारी शिक्षा के परिपेक्ष में नवाचार बेहद जरूरी अंग हो चला है।”शैक्षिक नवाचारों का उद्भव स्वतः नही होता बल्कि उन्हें खोजना पड़ता है तथा सुनियोजित तरीके से इन्हें प्रयोग में लाना होता है ताकि शैक्षिक कार्यक्रमो को परिवर्तित परिवेश में गति मिल सके और परिवर्तन के साथ गहरा तारतम्य बनाये रख सके ” इस प्रकार नवाचार एक नवीन विचार है एक व्यवहार है अथवा वस्तु या फिर कोई नया तरीका है जो नवीन और वर्तमान का गुणात्मक स्वरूप है नवाचार की परिस्थितिया हर क्षेत्र में अलग अलग अर्थ बताती है इनके प्रयोग के तरीके भी अलग अलग रूप में प्रयोग लाये जाते है!
संजय वत्स के अनुसार मंथन कार्यक्रम में इस तथ्य पर भी शिक्षाविद प्रकाश डालेंगे की सरकारी शिक्षा में “नवाचार की आवश्यकता क्यों है ? “
इसको स्पष्ट करते हुए डॉ गार्गी मिश्रा ने बताया कि “दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है अब बड़े छोटो को हरा नही पायेंगे अब जो तेज है वो धीमे को हराएंगे” ऐसा शिक्षाविदो ने कहा भी हैं।यदि हमें अपने सरकारी स्कूल के छात्रों की उन्नति करनी है तो हमे छात्रों का नामांकन उपस्थिति और ठहराव बढ़ाने के साथ साथ ही रोचक शिक्षण की पद्धतियों में परिवर्तन लाना ही होगा जिस प्रकार आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है ठीक उसी प्रकार आज शिक्षण पद्धतियों में बदलाव छात्रों को विद्यालय लाने के तरीकों में परिवर्तन लाजिमी है शिक्षको का मधुर बर्ताव छात्रों के प्रति सुखद व सकारात्मक व्यवहार शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करते है |
जगजाहिर है कि कुछ बदलाव करने के लिए समाज की बेहतरी के लिए जो ठोस कदम उठाए जाते है जो नवाचार प्रयोग में लाये जाते है आरंभ में कठिन मेहनत तो करनी पड़ती है कुछ कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है इसका आशय ये कतई नही कि हम नई पद्धतियों न स्वीकारे क्योंकि अंत मे सफलता मिलनी तय है ।नवाचार में या तो सफलता मिलेगी नही तो नया अनुभव अवश्य ही मिलेगा जो आगामी रणनीति में उपयोगी होगा हमे परंपरागत विधियों का अतिरिक्त नवीन विधाओ को अपनाना होगा क्योंकि परिवर्तन सार्वभौमिक सत्य है ।महान वैज्ञानिक डार्विन का यह नियम की “प्रकृति उन्ही को जीने का अधिकार देती है जो जीवन संघर्ष में सफल होते है” लगभग सभी जगह लागू होता है इसलिए स्वयं के अस्तित्व की खातिर हमे नवाचार स्वीकारने ही होंगे …,,
डॉ गार्गी ने देश के विभिन्न राज्यों के नवाचारी शिक्षकों से आह्वान किया गया कि देश के प्रत्येक राज्य से बेहतरीन सरकारी शिक्षक इसमे शामिल हों।देश का प्रत्येक नागरिक जो सरकारी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए अपना योगदान देना चाहता है , अपने विचार साझा करना चाहता है , एक देश एक शिक्षा पद्धति के पक्ष में कुछ मार्गदर्शन देना चाहता है या किसी के पास कोई बेहतर योजना है देश की सरकारी शिक्षा को एकमात्र विकल्प बनाने की । किसी भी तरीके से टीचिंग , ट्रेनिग , digitalization, स्मार्ट , आर्थिक ,सामाजिक योगदान कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी शिक्षा के उत्थान के लिए करना चाहती है या पहले से कर रही है वो इस महाकुंभ में शामिल होकर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते है।।

♦मंथन ♦
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(अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह )
-विषय:- सरकारी शिक्षा की बेहतरी में नवाचारी शिक्षण की संभावनाएं!
-उप विषय:-सरकारी शिक्षा के उत्थान में समुदाय एवं एनजीओ की भूमिका!

*कक्षा शिक्षण में नवाचार शिक्षण की भूमिका एवं योगदान!
* शिक्षण में कक्षा एवं विद्यालय के स्वस्थ वातावरण की भूमिका
*सरकारी शिक्षा की गुणात्मक अभिवृद्धि में शिक्षकों-अभिभावकों के पारस्परिक सम्बन्धों का योगदान
*सरकारी शिक्षा की ओर समुदाय एवं छात्र /छात्राओं से जुड़ाव में शिक्षक की भूमिका एवं उत्तरदायित्व !
*सरकारी शिक्षा के उत्थान में भाषा के माध्यम के रूप में हिंदी भाषा का योगदान
यदि आप भी होना चाहते है इस नवाचारी शिक्षण विषयक कार्यक्रम में, साझा करना चाहते है अपने नवाचारी प्रयास तो अपना बायोडाटा व उपलब्धियों दो दिवसीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह मे सम्मिलित होने का सहमति पत्र 15 मई 2019तक अवश्य मेल या वाट्सएप्प करे।

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