स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने किया दून अस्पताल का औचक निरीक्षण

  • डेंगू मरीजों से इलाज व टेस्ट के नाम पर मनमानी फीस वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
  • डेंगू रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण को 22 पॉइन्ट की गाइडलाइंस जारी

देहरादून। राज्य में तेजी से बढ़ते हुए डेंगू के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने सबसे पहले ब्लड बैंक में व्यवस्थाएं देखी यहां पर उन्होंने सख्ती से कहा कि 24 घंटे आरडीपी और एसडीपी की प्रक्रिया होनी चाहिए। प्राचार्य डॉक्टर आशुतोष स्याना ने उन्हें जानकारी दी कि अगले 10 दिन में एसडीपी यानी जंबो पैक बनाने वाली दूसरी एप्रेसेस मशीन यहां इंस्टॉल हो जाएगी। जिसकी वजह से मरीजों को इंतजार कम करना पड़ेगा। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू वार्ड और पीडिया वार्ड का निरीक्षण किया। डेंगू वार्ड में 67 बेड लगाए गए हैं वहीं पीडिया में 30 बेड डेंगू के लिए आरक्षित है। स्वास्थ्य सचिव ने अधकारियों को हिदायत दी की मेडिसिन और पीडिया के डेंगू मरीजों के संबंध में समन्वय बना रहे। इस दौरान उन्होंने डेंगू से पीड़ित मरीजों व उनके परिजनों से अस्पताल में मिल रहे इलाज से संबंधित जानकारी ली।
मीडिया से बात करते हुए डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि डेगूं के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरीक्षण किया गया है। मरीजों के लिए 100 वैड रिर्जव रखे गये हैं। डेंगू के गंभीर मरीजों के मुकाबले सामान्य मरीजों की संख्या ज्यादा है। जरूरत पढ़ने पर अस्पताल में बैडों की संख्या बढ़ाई जायेगी। उन्होंने आम जनमानस से डेंगू को लेकर सर्तक और जागरूक रहने की अपील की। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार संख्या बढ़ाई जायेगी। हमारा प्रयास है कि मरीज को समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो जाये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा डेंगू मरीजों से इलाज के नाम पर मनमानी फीस या प्लेटलेट्स व जैंबो पैक की अधिक वसूलने वाले अस्पतालों, ब्लड बैंको और पैथोलॉजी लैबों की शिकायत सामने आने पर कार्रवाई की जायेगी। कालाबाजारी वालों को छोड़ा नहीं जायेगा। सीएमओ के स्तर से रेट का निर्धारण किया गया है। पत्रकारों के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य सचिव ने कहा मिलावट खोरी को लेकर राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है। मोबाइन वैन के आ जाने से इस प्रक्रिया को गति मिली है। अभी विभाग के पास दो मोबाइल बैन है। जिनसे हम मौके पर जाकर खाध पदार्थों की शिकायत आने पर जांच करते हैं। जल्द ही 10 और मोबाइल वैन आ जायेंगी। जिसके बाद मिलावट खोरी रोकने में तेजी आयेगी। इसके साथ ही रूद्रपुर के बाद जल्द देहरादून जनपद में भी खाध सैंपल की जांच के लिए लैबोटरी की स्थापना की जायेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ देहरादून, प्रचार्या दून मेडिकल कॉलेज व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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