गैरसैंण स्थाई राजधानी की मांग को लेकर पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी का महा आंदोलन, 9 नवंबर को कर्णप्रयाग में होगा शक्ति प्रदर्शन

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
स्थाई राजधानी गैरसैण समिति के पदाधिकारियों सदस्यों ने सिमली, सिरोसैंण ,सिरोली, भटोली , उज्जवलपुर, तालचट्टी,आदिबद्री क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जनता से स्थाई राजधानी गैरसैण के लिए जनसम्पर्क करते हुए सुझाव मांगे। स्थाई राजधानी गैरसैण समिति के मुख्य संयोजक विनोद रतूड़ी पूर्व आईएएस ने बताया कि 9 नवम्बर 2025 को सुबह 11बजे कर्णप्रयाग के मुख्य बाजार मे शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जायेगा।
आन्दोलन को सफल बनाने के लिए उनके द्वारा जनता से सहयोग मांगा गया है। इस अवसर पर विनोद प्रसाद रतूड़ी, रमेश थपलियाल,टीका प्रसाद, एसएस भण्डारी, प्रणवेन्द्र प्रसाद, सुधीर डिमरी, सौरभ डिमरी, शुभम, प्रवर्त, अनभिका आदि मौजूद रहे। पूर्व IAS अधिकारी विनोद प्रसाद रतूड़ी ने घोषणा की है कि 9 नवंबर, 2025 को कर्णप्रयाग में एक विशाल और ऐतिहासिक जन-आंदोलन किया जाएगा।
विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि राजधानी का मैदान में होना पहाड़ की जनता के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। “शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोज़गार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी पहाड़ तरस रहा है। यह दुःख, यह सुविधा न होने का दर्द सिर्फ पहाड़ में रहने वाले ही समझते हैं।
इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए विनोद प्रसाद रतूड़ी के साथ उनके साथी रमेश थपलियाल, भूपेंद्र भंडारी और मुकेश भंडारी गौचर, कर्णप्रयाग, आदिबद्री, और सिमली जैसे सभी क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चला रहे हैं। यह टीम गली-गली, गाँव-गाँव जाकर लोगों को एकजुट कर रही है। उनका संकल्प है, “हम भले ही चैन से सोएं नहीं, पर हर गली, हर मोहल्ले, हर घर में ज़रूर जाएंगे और सबको जगाएंगे।” विनोद रतूड़ी ने जनता से अपील की है कि वे अपनी ताक़त पहचानें, क्योंकि “आपकी ताक़त से बड़ी कोई सरकार नहीं।” उन्होंने कहा कि इस बार इस आंदोलन को ऐतिहासिक बना देना है कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने के अलावा कोई विकल्प न बचे।

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