मुख्य सचिव से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात करते हुए ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।
यहां पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में मुख्य सचिव से मिले। ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में कांग्रेस की सरकार ने मलिन बस्तियों के मालिकाना हक के लिए नियमावली गयी गई थी, जिसको कैबिनेट व विधान सभा द्वारा पास कर मलिन बस्तियों के रख-रखाव के लिए 400 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया था। इसके लिए गठित समिति के सर्वेक्षण के अनुसार उत्तराखण्ड में 582 मलिन बस्तिया है, जिनमें प्रदेश भर में लगभग 18 लाख से अधिक की आबादी बसी हुई है।
ज्ञापन में कहा गया कि देहरादून नगर क्षेत्र में लगभग सात लाख से अधिक की आबादी है तथा जहां दो लाख से अधिक कच्चे/पक्के भवन निर्मित है। ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह बस्तियां बहुत लम्बे समय 1977 से 1980 के बीच बसी हुई है.। यदि इन्हें पूर्व में पट्टे दे दिये गये होते तो आज तक यह फी-होल्ड होने की स्थिति में हो जाते। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अक्टूबर 2016 में तत्कालीन सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के लगभग 100 परिवारों को मालिकाना हक देकर इसकि शुरूआत कर दी गयी थी. जिस पर कई लोग काबिज हो गये।
ज्ञापन में कहा गया कि इस खाली पड़ी भूमि का जनहित में उपयोग करने का अधिकार राज्य सरकार का है। इसलिए वहां निवासरत सभी को भू-स्वामित्व व मालिकाना हक दिया जाना ही उचित है। वर्तमान में सरकार मलिन बस्तियों के विरूद्ध कार्य करती आ रही है जिससे मलिन बस्तीवासी बहुत परेशानी में है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मलिन बस्तीवासियों के हित के लिए मलिन बस्तियों को स्थायी किया जाये व पूर्ण रूप से मालिकाना हक दिया जाये, अगर इसमें कोई तकनीकी या व्यवहारिक दिक्कत हे तो मलिन बस्तियों को उजाड़ने से पहले वहां के लोगों के पुनर्ववास की समुचित व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जाम से निजात पाने के लिए रिस्पना और बिन्दाल के ऊपर बनने वाली एलिवेटेड रोड पर भी खींचना चाहते हैं, ज्ञापन में कहा गया कि पहले यह स्पष्ट किया जाये कि एलिवेटेड रोड के नाम पर इन नदियों के किनारे रहने वाले मलिन बस्तीवासियों कितना हटाया जाएगा। ऐसी स्थिति में इन मलिन बस्ती वालों को भी पहले समुचित पुर्नवास कराया जाए। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, कुलदीप कोहली सहित अन्य कांग्रेसी शामिल रहे।

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