“देवभूमि डायलाग” कार्यक्रम का आरम्भ अप्रैल में

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत अप्रैल माह से नियमित रूप से ‘‘देवभूमि डायलाॅग’’ नाम से जन संवाद कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री रमेश भट्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र जनता से सीधे जुड़कर उनके सुझावों और फीडबैक के आधार पर सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को लागू करने के पक्षधर है।

अभी हाल ही में मुख्यमंत्री ने ‘‘आपकी राय आपका बजट’’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के विभिन्न भागों में सीधा जन संवाद किया और लोगों के कई सुझावों को बजट में शामिल किया। देवभूमि डायलाॅग की जानकारी देते हुए श्री भट्ट ने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड के विभिन्न वर्ग के लोगों से सीधा संवाद कायम करने के लिए देवभूमि डायलाॅग की परिकल्पना की गई है। जनता से सीधा संवाद गुड गवर्नेस का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के साथ मा0 मुख्यमंत्री जी हर महीने सीधा संवाद करेंगे। उनके सुझाव सुनेंगे और उन पर विचार करेंगे। देवभूमि डायलाॅग में ऐसे विषय तय किये जाएगें जिससे समाज के हर वर्ग के लोगों को उनके सुझाव मा0 मुख्यमंत्री जी के सामने रखने का मौका मिल सकेगा। इस कड़ी में राज्य के ऐसे युवाओं को एक मंच पर लाकर शुरूआत की जाएगी जो युवा अपने राज्य के लिए लीक से हटकर कुछ कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर कोई जैविक खेती में नए प्रयोगों से मुकाम हासिल कर रहा है, कोई शिक्षा की अलख जगा रहा है, कोई पर्यटन संवार रहा है। शुरूआती कड़ी में राज्यभर के 500 युवा जुटेंगे जो समाज में बड़ा परिवर्तन लाने के लिए प्रयत्न कर रहे हैं। इसके बाद किसानों, काश्तकारो, स्टार्ट अप शुरू करने वालों, डाॅक्टरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, छात्रों, एंटर प्रेन्योर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों, व्यापारियों, स्किल डेवलेपमेंट से संबंधित लोगों, सांस्कृतिक क्षेत्र लोगों, संत समाज के साथ-साथ अलग-अलग महीनों में देवभूमि में डायलाॅग किया किया जाएगा। आयोजन स्थलों के सम्बन्ध में देवभूमि डायलाॅग के लिए विषय की महता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्र चुने जाएगे। मसलन किसानों के लिए रूद्रपुर या काशीपुर ज्यादा मुफीद रहेगा। इसी तरह संत समाज से संवाद के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश को चुना जाएगा। सांस्कृतिक क्षेत्र का संवाद अल्मोड़ा या पौड़ी में आयोजित किया जाएगा।

देवभूमि डायलाॅग कार्यक्रम के दौरान संबंधित क्षेत्र के अधिकारी द्वारा उस क्षेत्र की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री जी उस विषय पर अपने विचार रखेंगे। इस कार्यक्रम में संबंधित क्षेत्र के मंत्रियों की भागीदारी भी होगी। कार्यक्रम में सवाल जवाब का दौर भी होगा। संबंधित क्षेत्र के लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को संबंधित अधिकारी नोट करेंगे साथ ही तकनीकी रूप से सवालों के जवाब भी देंगे। प्रत्येक कार्यक्रम के सुझावों और आउटपुट को कैसे इंप्लीमेंट करें इस पर संबंधित अधिकारी मुख्यमंत्री से विचार विमर्श करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा पूर्व में ‘‘आपकी राय आपका बजट’’ के तहत बजट से पूर्व राज्य के किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदि से बजट पर चर्चा की गई तथा जनता के सुझाव लिए गए। मुख्यमंत्री ने विडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य के स्कूली बच्चों तथा शिक्षकों से भी सीधा संवाद किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री समय-समय पर जनता के विभिन्न वर्गो से नियमित संवाद करते रहे है ताकि नीति निर्माण व क्रियान्वयन में आमजन की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। साथ ही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी नीतियो व योजनाओं पर जनता का फीडबैक व रचनात्मक सुझाव प्राप्त किए जा सके।

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