महानिरीक्षक निबन्धन के नए फरमान से दुर्गम क्षेत्रों में स्थापित छोटे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का बजूद खतरे में

देहरादून- महानिरीक्षक, स्टाम्प एवं पंजीयन द्वारा पूर्व मे जनहित के नाम पर लागू किए गए नए नए प्रयोगों ने सब रजिस्ट्रार कार्यालयों के समीकरण पहले ही बिगाड़ रखा है।अब एक ताजा फरमान से तो छोटे विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का बजूद ही खतरे मे पड़ने की संभावना बन गई है। . दरअसल महानिरीक्षक द्वारा जारी एक नवीन आदेश के अनुसार अब तक भूमि की रजिस्ट्री को उसी तहसील के क्षेत्र के सब रजिस्ट्रार कार्यालय मे कराना होता है इस नियम को समाप्त कर रजिस्ट्री क़ो जिले के किसी भी सब रजिस्ट्रार कार्यालय मे कराने की छूट दे दी गई है।उदाहरण स्वरूप विकासनगर क्षेत्र की भूमि खरीदने पर विकासनगर मे ही रजिस्ट्री कराने के नियम मे बदलाव कर दिया है, अब यह रजिस्ट्री देहरादून या ऋषिकेश में कराई जा सकेगी।इस नए फरमान को भी जनहित के नाम पर जारी किया गया है, परन्तु नकारात्मक परिणामों पर गौर नहीं किया गया है।राज्य के अनेक दुर्गम क्षेत्रों में इसी वर्ष प्रथम नियुक्ति के नाम पर 12 सबरजिस्ट्रार तेनात किए गए हैं।जिनके लिए विभाग अपनी पीठ ठोक रहा है।परन्तु ताजा फरमान से कम कार्य वाले ऐसे कार्यालयों में निस्संदेह वीरानी छा जाएगी और लोग दुर्गम मे स्थित सम्बंधित कार्यालय पर जाने के स्थान पर जनपद के सुगम स्थान पर स्थित कार्यालय में रजिस्ट्री कराएंगे। जनहित के नाम पर कार्यक्षेत्र समाप्त करना यदि इतना ही अच्छा है तो सोचने वाला बिन्दु यह है कि क्या निबन्धन के अलावा और किसी भी विभाग को जनहित से कोई सरोकार नहीं है तभी तो पुलिस, राजस्व, परिवहन आदि किसी ने भी कार्यक्षेत्र के सम्बन्ध मे अब तक ऐसा एक भी आदेश नहीं दिया गया है।माना जा रहा है कि दुर्गम क्षेत्रों के कार्यालयों को वीरान कर दैने वाला यह आर्डर वित्त मंत्री प्रकाश पन्त से बगैर अनुमति लिए या उनको नकारात्मक तथ्यों से अवगत कराए बगैर जारी किया गया है। ऐ

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राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।