चौथा साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल 2023 डीआईटी विश्वविद्यालय में आज से

  • अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी महोत्सव का चौथा संस्करण 27 अक्टूबर से, छात्र भी दिखाएंगे प्रतिभा

देहरादून ।  उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) और डीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से चौथे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी महोत्सव (डीआईएसटीएफ-2023) का आयोजन 27 से 29 अक्टूबर, 2023 तक देहरादून में डीआईटी विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा। इस महोत्सव में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 25 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस चौथे संस्करण के लिए तैयार हो जाइए। डीआईएसटीएफ 2023 उत्साह, उमंग और खोज से भरपूर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक असाधारण उत्सव साबित होगा। इसमें खास बात ये है कि इसमें छात्रों से लिए कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।

ये कार्यक्रम रहेंगे विशेष आकर्षण
इस वर्ष देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी महोत्सव (डीआईएसटीएफ) में 25 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें ग्रीन एनर्जी, कृषि और प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता और स्टार्टअप, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी आदि विषयों पर कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा, छात्रों के लिए विज्ञान क्विज, मैथ क्विज, साइंस पोस्टर प्रतियोगिता, मीट द साइंटिस्ट, एयरोमॉडलिंग वर्कशॉप, इलैक्ट्रानिक सर्किट डेवलेपमेंट वर्कशॉप, मैजिक ऑफ मैथ, मैजिक ऑफ ऑप्टिकल साइंस, वर्कशॉप ऑन रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, अनमैन एयरो व्हीकल (यूएवी), ग्लोबल वार्मिंग एवं क्लाइमेट चेंज, साइंस फैशन शो व आफ्टर स्कूल कन्वेंशन आदि कार्यक्रम भी होंगे। महोत्सव के दौरान एक विशाल प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों, स्टार्टअप्स, नवाचार और प्रौद्योगिकी में कार्य कर रही कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।

अनोखा कार्यक्रम है डीआईएसटीएफ
डीआईएसटीएफ संचालन समिति के संयोजक एवं डीआईटी यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर प्रो प्रियदर्शन पात्रा के मुताबिक, डीआईएसटीएफ एक अनोखा कार्यक्रम है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति जुनून रखने वाले और इसे लोकप्रिय बनाने वाले सभी लोगों के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए समर्पित है। पिछले तीन संस्करणों में डीआईएसटीएफ ने भारी भागीदारी देखी है।

इस साल रिकॉर्ड भागीदारी की संभावना

उन्होंने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रुचि बढ़ाने और ज्ञान की प्यास बुझाने और एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला से समाज को लाभ हुआ है। पिछले तीन वर्षों में प्रभाव और आकार स्पष्ट हो गया है। हालाँकि इस वर्ष अब तक की सबसे भव्य सभा की उम्मीद है। इसमें उत्तराखंड से 30,000 से अधिक लोग उपस्थित होंगे और हिमालयी राज्यों से 100,000 से अधिक प्रतिभागियों के वस्तुतः भाग लेने की संभावना है।
हरएक के लिए महत्वपूर्ण आयोजन
उन्होंने बताया कि हमारे आयोजनों की विविध श्रृंखला विज्ञान और प्रौद्योगिकी समुदाय के व्यापक स्पेक्ट्रम को पूरा करती है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर सीईओ तक, एसटीईएम-एच छात्रों से लेकर शोधकर्ताओं तक, वैज्ञानिकों से लेकर विज्ञान और तकनीकी ब्लॉगर्स और व्लॉगर्स तक, शिक्षकों से लेकर टेक्नोक्रेट तक, पॉडकास्टरों तक। प्रसारकों से लेकर कलाकारों से लेकर पत्रकारों तक और नीति निर्माताओं से लेकर उद्यम पूंजीपतियों तक के लिए ये लाभकारी है।
25 से अधिक जीवंत कार्यक्रमों का होगा आयोजन
संक्षेप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति जुनून रखने वाले किसी भी व्यक्ति का डीआईएसटीएफ 2023 में हमारे साथ शामिल होने के लिए हार्दिक स्वागत है। इस वर्ष का उत्सव, 27-29 अक्टूबर 2023 तक तीन रोमांचक दिनों तक चलने वाला, 25 से अधिक जीवंत कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। जो दुनिया के अधिकांश पहलुओं को कवर करेंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी का. प्रतियोगिताओं, सम्मेलनों, कार्यशालाओं, पुरस्कारों, प्रदर्शनियों, सम्मेलनों से युक्त ये कार्यक्रम दो मुख्य श्रेणियों में आते हैं।
1. केंद्रीकृत कार्यक्रम: ये पूरे दिन की गतिविधियाँ उपस्थित लोगों के लिए अनुभवों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती हैं।

2. विशिष्ट कार्यक्रम: विशिष्ट रुचि समूहों के अनुरूप, ये कार्यक्रम विशिष्ट अवधि तक चलते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी के लिए कुछ न कुछ है।

उन्होंने कहा कि डीआईएसटीएफ 2023 का हिस्सा बनने का अवसर न चूकें, जहां नवाचार, शिक्षा और खोज विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया को प्रेरित और उन्नत करने के लिए एकत्रित होते हैं। हमसे जुड़ें और इस असाधारण यात्रा का हिस्सा बनें।
गौरतलब है कि देहरादून साइंस एंड टेक्नॉलोजी फेस्टिवल का आयोजन प्रतिवर्ष यूकोस्ट की फ्लैगशिप में आयोजित किया जाता है जिसमें प्रमुख रूप से ओएनजीसी, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सीएसआईआर, के अलावा यूसर्क, तथा राज्य सरकार के अधीन शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी विभाग की संयुक्त रूप से सहभागिता रहती है।
पत्रकार वार्ता को संयुक्त निदेशक यू कास्ट दो डीपी उनियाल, प्रोफेसर प्रियदर्शन पत्र प्रोवाइड चांसलर डी आई टी यूनिवर्सिटी, डॉ पीयूष गोयल वरिष्ठ वैज्ञानिक डिपार्टमेंट बायोटेक्नोलॉजी भारत सरकार , डॉक्टर ओपी नौटियाल वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी यूसर्क,  प्रोफेसर नवीन सिंघल को कन्वीनर एवं कंवर राजस्थान आयोजन सचिव ने संबोधित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।