बागेश्वर के कुंवारी गांव में मशरूम खाने से महिला की मौत, बहू की हालत गंभीर

बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र के अंतिम गांव कुंवारी में जंगली मशरूम खाने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। जबकि, उसकी बहू की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसका अभी उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, रविवार यानी 13 जुलाई को कुंवारी गांव की धनुली देवी अपनी बहू कविता देवी के साथ खेतों में काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें खेतों में कुछ जंगली मशरूम मिले, जिन्हें उन्होंने तोड़कर घर लाकर सब्जी बनाई और रोटी के साथ खा लिया।
खाना खाने के कुछ देर बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर ग्रामीणों ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन जहरीला मशरूम खाने के चलते बुजुर्ग धनुली देवी की हालात और बिगड़ गई। कुछ ही देर में ही उसकी मौत हो गई। वहीं, बहू कविता देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
वहीं, जंगली मशरूम खाने से महिला की मौत की घटना के बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। मामले में कपकोट थानाध्यक्ष खुशवंत सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को आवश्यक कार्रवाई के लिए गांव भेज दिया गया है।
“स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम खाद्य सुरक्षा विभाग को मशरूम के सैंपल लेने के लिए बुलाया है।”- डॉक्टर कुमार आदित्य, सीएमओ
जंगली मशरूम खाने से बचें: बता दें कि आमतौर पर बरसात के दिनों या नमी वाली जगहों पर जंगली मशरूम यानी कुकुरमुत्ता कहीं भी आसानी से उग जाते हैं। जिनकी कई प्रजातियां जहरीली होती है। पहाड़ों में ग्रामीण अक्सर जंगली मशरूम की सब्जी बनाकर खाते हैं, लेकिन प्राकृतिक रूप से उगने वाले इन मशरूमों को खाने से बचना चाहिए।
जहरीली मशरूम खाने से तबीयत बिगड़ सकती है। इससे उल्टी, मतली, पेट में दर्द या फिर ऐंठन, दस्त, सिर दर्द, चक्कर आने से लेकर बेहोशी तक होती है। इसके अलावा भ्रम या दौरे भी पड़ सकते हैं। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, बुखार, पसीना आने से लेकर अन्य लक्षण हो सकते हैं। इसके साथ ही मौत भी हो जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।