ग्राम विकास को नई दिशा – त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव का शंखनाद, तारीखें तय

देहरादून । राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड ने त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पदों पर उप चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। समस्त ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्यों के सभी रिक्त पदों पर 13 से 22 नवंबर,2025 तक उप निर्वाचन संपन्न कराए जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पं.)/जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत के रिक्त पदों पर उप चुनाव की अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने सभी निर्वाचन एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सारणी के अनुसार उप निर्वाचन की समस्त व्यवस्थाओं को त्रुटिरहित समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जनपद में 13 व 14 नवम्बर को नाम निर्देशन पत्र जमा करने की तिथि तय की गई है। जबकि 15 नवम्बर को नाम निर्देशन पत्रों की जांच, 16 नवम्बर को प्रातः 10 बजे से शाम 3.00 बजे तक नाम वापसी और 3.00 बजे बाद प्रतीक चिन्ह आवंटन किया जाएगा। सभी रिक्त पदों पर 20 नवंबर,2025 को मतदान होगा। जबकि 22 नवंबर,2025 को मतगणना का कार्य संपन्न कर चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
सदस्य ग्राम पंचायत, ग्राम प्रधान तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों के नाम निर्देशन पत्रों की बिक्री, नामांकन, जांच, प्रतीक चिन्ह आवंटन, नाम वापसी एवं मतगणना का कार्य संबंधित विकासखंड मुख्यालय पर तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए बिक्री, नामांकन, जांच, प्रतीक चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया जिला पंचायत मुख्यालय पर होगी लेकिन मतगणना का कार्य संबंधित क्षेत्र पंचायतों के मुख्यालय पर किया जाएगा और निर्वाचन परिणाम जिला पंचायत मुख्यालय पर घोषित किया जाएगा।
जनपद देहरादून के अंतर्गत ग्राम पंचायत सदस्य के 804 पद रिक्त है। जिन पर उप निर्वाचन होना है। विकासखंड चकराता में 266, कालसी में 234, विकास नगर में 74, सहसपुर में 53, रायपुर में 135 तथा डोईवाला में 42 पद रिक्त है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।