योजना के तहत 8 व्यावसायिक विषयों में दक्ष होंगे छात्र-छात्राएं

  • अबतक व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर चुके 146 छात्रों को मिला कैम्पस प्लेसमेंट

देहरादून। सूबे में समग्र शिक्षा के तहत 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा का संचालन किया जायेगा, जिसकी स्वीकृति भारत सरकार ने दे दी है। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारम्परिक विषयों के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा दी जायेगी, जिससे वह व्यावहारिक व तकनीकी कौशल में दक्ष होंगे साथ ही भविष्य में रोजगार व स्वरोजगार के लिये भी सक्षम हो सकेंगे। योजना के तहत वर्तमान शैक्षणिक सत्र से छात्र-छात्राओं को 8 विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा दी जायेगी। नवीन स्वीकृत विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के शीघ्र संचालन को विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में एनईपी-2020 के अनुरूप विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा भी दी जा रही है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा एवं पीएम-श्री योजना के तहत प्रदेश के 544 और नये विद्यालयों का चयन व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को किया गया है, जिन्हें भारत सरकार द्वारा स्वीकृत दे दी गई है। इन विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से 8 विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक शिक्षा का संचालन किया जाएगा। जिसमें एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रोनिक्स एंड हार्डवेयर, आईटी, पलम्बिंग, रिटेल तथा टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी शामिल है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन सभी सेक्टर को उत्तराखंड बोर्ड व सीबीएसई के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। जिन्हें विद्यालय स्तर पर एक विषय के रूप में पढ़ाया जायेगा। उक्त व्यावसायिक विषयों में कक्षा-10 व 12 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के माध्यम से क्रमशः लेवन-3 व 4 के दक्षता प्रमाण पत्र दिये जायेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को पीएसएससीआईवीई (पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान) के मानकों के अनुरूप 548 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु अनुभवी प्रशिक्षकों की तैनाती निर्धारित योग्यता के अनुरूप की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि उक्त विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालन के लिये प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, शासनादेश के उपरांत व्यावसायिक शिक्षा के संचालन को विभागीय स्तर पर निविदा आयोजित की जायेगी।

विभागीय अधिकारियों के बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 531 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन विषयों में कुल 50903 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। जिसमें 27561 छात्राएं व 23342 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा 28 हब्स एंड स्पोक विद्यालय भी संचालित किये जा रहे हैं। जिसमें 612 छात्राएं व 361 छात्र सहित कुल 973 बच्चे शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके तहत एयरोस्पेस एंड एविएशन तथा फूड इंडस्ट्री सेक्टर के संचालन को भी भारत सरकार द्वारा अनुमति दे दी गई है। जिसे उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा व्यावसायिक शिक्षा के तहत कक्षा-12 के प्रथम बैच में अध्ययनरत छात्रों के लिये राज्य स्तरीय जाॅब फेयर आयोजित किया गया, जिसमें 146 छात्रों को विभिन्न कंपनियों द्वारा जाॅब आॅफर दिये गये।

राज्य सरकार की मंशा प्रदेश के नौनिहालों को पारम्परिक विषयों के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा मुहैया कराना है। ताकि युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ाते हुये अब 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

– डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।