नारद जयन्ती समारोह में पत्रकारों का चयन कसौटी पर

देहरादून। पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्व संवाद केन्द्र बेहद ही गरिमामय ढंग से वर्ष में समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित करता है। इसी कड़ी में गत वर्षों की भांति नारद जयन्ती समारोह आयोजित किया जा रहा है जिसमें उत्कृष्ठ पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों का सम्मान भी किया जायेगा। नारद सम्मान से नवाजे जाने हेतु पत्रकारों का चयन किन मानदण्डों पर किया जायेगा, यह कितना कसौटी पर खरा उतरता है, यह पत्रकारों के मध्य चर्चा का विषय बना हुआ है।
आगामी 6 मई रविवार को नगर निगम, देहरादून के सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री प्रकाश पन्त द्वारा की जायेगी जबकि मुख्य वक्ता केक रूप में उच्च शिक्षा आयोग, हरियाणा के अध्यक्ष प्रो0 बृजकिशोर कुठियाला का सारगर्भित सम्बोधन सभी को प्राप्त होगा। चूंकि इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी का विषय ‘‘हमारा उत्तराखण्ड कैसा हो’’ रखा गया है, अतः यह स्वाभाविक ही है कि सम्मान हेतु ऐसे पत्रकारों का चयन हो जिन्होंने अपनी पत्रकारिता उत्तराखण्ड के हित में की हो। चूंकि विश्व संवाद केन्द्र राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का ही एक अनुसंगिक संगठन है अतः इतना तो पूर्व से तय है कि सम्मान हेतु उन्हीं पत्रकारों का चयन होगा जो कि संघ की विचारधारा से सीधा सम्बन्ध रखते हैं। पत्रकारों में जहां एक वर्ग किसी भी प्रकार से धन अर्जित करने में लगा है, वहीं एक वर्ग ऐसा भी है जो पत्रकारिता की मूल भावना को ही सर्वोपरि मान कर जनहित में कार्य करता है।

-चयन कसौटी पर- अब देखना यह है कि विश्व संवाद केन्द्र सत्यनिष्ठा से कार्य करने वाले व पत्रकारिता को संविधान का चैथे स्तम्भ मानकर जिम्मेदारी से कार्य करने वाले पत्रकारों को संघ विचारधारा के अनुरूप मानता है या सत्ता आने के बाद जायज़-नाजायज़ तरीके से धन अर्जित करने में लगे पत्रकारों को। यह चयन निसंदेह कसौटी पर परखा जायेगा।

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