राज्य कैबिनेट ने प्रदेश की पहली सेवा क्षेत्र नीति को दी मंजूरी

  • राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्पूर्ण निर्णय

देहरादून। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में देश और दुनिया के निवेशकों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रदेश की पहली सेवा क्षेत्र नीति को मंजूरी दी गई। वहीं, पम्प स्टोरेज पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी पत्रकारों को मुख्य सचिव एस.एस. संधू द्वारा दी गई। औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड सेवा क्षेत्र नीति-2023 के संबंध में भी कतिपय निर्णय लिये गये है। इसके तहत उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वास्थ्य देखभाल, वेलनेस एवं पारम्परिक चिकित्सा, शिक्षा, फिल्म और मीडिया, खेल, आई.टी.ई.एस., डाटा सेंटर, कौशल विकास के क्षेत्रों में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड सेवा क्षेत्र नीति-2023 लायी गई है। उक्त नीति के प्रख्यापन से राज्य की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। नीति के अतंर्गत सेवा अर्थव्यवस्था (पर्यटन को छोड़कर) 2030 तक 27 बिलियन अमरीकी डालर तक बढ़ेगी, और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कम से कम 40 प्रतिशत का योगदान देगी। उत्तराखण्ड 2030 से पहले सेवा क्षेत्रों में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा। 2027 से पहले 45,000 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत सेवा क्षेत्र में 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा तथा सेवा क्षेत्रों में 10 लाख श्रमिकों का कौशल विकास होगा। सेवा क्षेत्र में निवेशकों को भूमि एवं पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
सचिवालय प्रशासन विभाग के तहत उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड के आदेश दिनांक 31.03.2023 के क्रम में अपर निजी सचिव परीक्षा-2017 में समतुल्य शैक्षिक अर्हता होने के दृष्टिगत 04 अभ्यर्थियों के चयन की सहमति लोक सेवा आयोग को प्रेषित किये जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा समतुल्यता समिति द्वारा संस्तुति दी गयी कि अपर निजी सचिव-2017 के विज्ञापन में अपर निजी सचिव पद हेतु उल्लिखित शैक्षिक अर्हता के रूप में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्था / विश्वविद्यालय से 01 वर्षीय कम्प्यूटर पाठ्यक्रम प्रमाण पत्र अथवा कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ स्नातक उपाधि के साथ क्रमशः बी०सी०ए० एवं बी०टैक० उपाधि धारित समस्त याचिगणों को पाठ्यक्रम में 75 प्रतिशत से अधिक की साम्यता के आधार पर अर्ह माना जा सकता है। समतुल्यता समिति की रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड के आदेश अंतिम निर्णय दिनांक 31.03.2023 के क्रम में चार अभ्यर्थियों/याचीगणों (शिवानी धस्माना, दीपक डिमरी, राशिद तथा महेश प्रसाद) की शैक्षिक अर्हता में 75 प्रतिशत से अधिक की साम्यता के आधार पर अर्ह माने जाने के कारण चारों अभ्यर्थियों के अपर निजी सचिव के पद पर चयन के सम्बन्ध में लोक सेवा आयोग को सहमति प्रदान की जानी प्रस्तावित की गई है। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य में पम्प स्टोरेज परियोजनाओं की ड्राफ्ट नीति पर अनुमोदन प्रदान किया गया। इसके तहत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्गत राष्ट्रीय विद्युत योजना के अन्तर्गत पम्प भण्डारण परियोजनाओं हेतु निर्धारित कुल क्षमता एवं राज्य हेतु निर्धारित अनुमानित लक्ष्य के आलोक में भारत सरकार द्वारा पम्प भण्डारण परियोजनाओं हेतु निर्गत दिशा-निदेशों के अनुसार राज्य में पम्प भण्डारण क्षमता विषयक परियोजनाओं के विकास हेतु ड्राफ्ट नीति तैयार कर मंत्रिमण्डल के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गयी है।
इस नीति का मुख्य उद्देश्य पम्प भण्डारण परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में इस क्षेत्र की चिन्हित क्षमता का दोहन करना, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रबन्धन एवं सद्पयोग कर ग्रिड स्थिरता प्रदान करना, स्व-निर्धारित ऑफस्ट्रीम स्थलों के विकास को प्रोत्साहित करना, संगत क्षेत्र में सार्वजनिक एवं निजी निवेश के माध्यम से राज्य का आर्थिक विकास एवं उक्त परियोजनाओं के जल से पेयजल तथा सिंचाई की आवश्यकताओं की पूर्ति करना इत्यादि प्रमुख रूप से है। प्रस्तावित नीति में उक्त परियोजनाओं के त्वरित विकास हेतु अन्तः राज्यीय पारेषण शुल्क, स्थानीय क्षेत्र विकास निधि, निःशुल्क रॉयल्टी विद्युत, भूमि पर हस्तांतरण/निकासी की त्वरित अनुमति, जल कर एवं सरकारी भूमि को 45 वर्षों की अवधि के लिए सर्कल दर से जुड़ी वार्षिक पट्टा दर पर आवंटित किये जाने विषयक कई छूट/रियायतें प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। ऊधमसिंहनगर में जो गैस आधारित प्लांट हैं, उनमें बाहरी देशों से लिक्विफाइड गैस जो आती है उसपर वैट शून्य है जबकी सी.एन.जी गैस पर वैट 20 प्रतिशत है। इससे गैस आधारित प्लांट के संचालन में कठिनाई होने के कारण इस वैट को भी शून्य किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा लिया गया है। इससे गैस आधारित प्लांट संचालित हो सकेंगे और प्रदेश में बिजली आपूर्ति की कमी को दूर किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।