फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में शामिल एक और अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गिरफ्तार अभियुक्त है फोरेंसिक एक्सपर्ट, कूटरचित अभिलेख तैयार करने में अभियुक्त की थी महत्वपूर्ण भूमिका
प्रकरण में अब तक 13 अभियुक्तों की पुलिस द्वारा की जा चुकी है गिरफ्तारी

देहरादून। फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण में एसआईटी तथा कोतवाली नगर पुलिस द्वारा एक और अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, जो फोरेंसिक एक्सपर्ट है। के0पी0 सिंह व उसके सहयोगियों द्वारा तैयार किए गए फर्जी दस्तावेजों को बनाने में अभियुक्त की भूमिका अहम रही है। अभियुक्त फॉरेंसिक एक्सपर्ट होने के कारण कूटरचित दस्तावेज आसानी से तैयार कर लेता था।ं एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ में कुछ और व्यक्तियों के अपराध में शामिल होने तथा कुछ अन्य फर्जी रजिस्ट्रियों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुयी है, जिन्हें एसआईटी द्वारा विवेचना में शामिल किया गया है। प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर जल्द ही साक्ष्य संकलन कर अन्य अभियुक्तो की भी गिरफ्तारी की जायेगी।
फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण में थाना कोतवाली नगर में पंजीकृत अभियोग की विवेचना एस0आई0टी0 द्वारा की जा रही है। उक्त प्रकरण में एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर एस0आई0टी0 द्वारा एक और अभियुक्त अजय मोहन पालीवाल को हरभजवाला बसंत विहार से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त हस्ताक्षर व हस्त लेख एक्सपर्ट है। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसने 1988 में दून फोरेसिक साइन्स का डिप्लोमा कोर्स पत्राचार से किया था। अभियुक्त का चेम्बर कचहरी मुज्जफरनगर में है। अभियुक्त ने 1988 से हस्ताक्षर मिलान व हस्तलेख मिलान का काम शुरू किया था। पहले वह सुभाष विरमानी का साइन कम्पेयर का काम करता था, फिर कमल विरमानी का काम भी रोहताश के माध्यम से उसके पास आने लगा। चूकि अभियुक्त हस्तलेख, हस्ताक्षर विशेषज्ञ था, इसलिए कंवरपाल सिंह व ओमवीर तोमर ने अभियुक्त को फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा उसके एवज में अच्छी रकम देने की बात कही, तो अभियुक्त अजय मोहन पालिवाल मान गया। कंवरपाल व उसके अन्य साथी,  ठेकेदारी के टेण्डर के साथ दाखिल स्टाम्प पेपरों को, जिनमें बहुत कम लाइने लिखी होती थी, उन्हें सम्बन्धित कार्यालयों से प्राप्त कर उनको कार्यालय की  कार्यवाही में हटाकर नमक के तेजाब से धुल कर कोरा बना देते थे। इसके लिये बहुत पुराने मोटे वाले कागजांे को गीली रुई से रगड़ते थे, जिससे स्याही कागज की पतली परत के साथ उतर जाती थी और कागज कोरा हो जाता था,  फिर स्केच पेन को गीला कर उन्ही लाईनांे के उपर लिख देते थे व अधिकारियों के हस्ताक्षर स्कैन कर कागज पर छापते थे। अभि0 अजय मोहन पालिवाल ने इसी तरह रक्षा सेन, फरखन्दा रहमान, राजेन्द्र सिंह, त्रिभुवन, दिपांकर नेगी, मांगे राम, प्रेमलाल, रामनाथ, राम चंद्र, पदमा कुमारी, मोती लाल, चन्द्र  बहादुर सिंह, गोवर्धन, सुभाष, रवि मित्तल, जगमोहन व और भी कुछ जमीनो को , जो रायपुर, चकरायपुर, जाखन, राजपुर रोड, क्लेमेन्टाउन, ब्रह्माणवाला, रैनापुर, नवादा आदि जगहों पर है, के फर्जी बैनामेंध्विलेख वसियतें तैयार की थी। अभियुक्त द्वारा शाहनवाज के लिये क्ज्ञ मित्तल, शीला मित्तल वाली फर्जी वसियत भी बनायी थी। अभियुक्त अजय मोहन पालिवाल प्रति बैनामाध् विलेख के एक लाख रूपये तक व फर्जी हस्ताक्षर करने के प्रति हस्ताक्षर 25 हजार रूपये कंवरपाल आदि से लेता था। वर्ष 2021-22 में कंवरपाल के खाते से अजय मोहन पालिवाल के खाते में फर्जी अभिलेख तैयार करने के एवज में कई लाख रुपये के ट्रांजेक्शन होना पाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।