मलबे के ढेर में अपनों की तलाश जारी, लापता लोगों की संख्या हुई बीस

रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड में हुए हादसे के तीसरे दिन भी परिजन मलबे के ढेर में अपनों की तलाश कर रहे हैं। यहां अभी भी 20 लोग लापता हैं। अब शायद किसी के जिंदा बचने की उम्मीद नही है। तबाही का यह मंजर देख हर किसी का कलेजा कांप उठा। बताया जा रहा है कि आगरा निवासी बबलू गौरीकुंड में दुकान का संचालन कर रहा था। दुकान में उसका भाई व साला भी था। वह घटना के दौरान खाना खाने गया हुआ था। लगभग साढ़े 11.30 बजे टिन के बजने जैसी तेज आवाज के साथ पहाड़ी गिरी और सबकुछ खत्म हो गया। दुकान का नामोनिशान नहीं था। सिर्फ सिमेंट का टूटा पिलर लटका हुआ था। लेकिन भाई और साला नहीं मिले। भाई के मोबाइल पर संपर्क किया तो घंटी बजती रही। कॉल रिसीव नहीं हुई। यहां तक कि घटना के लगभग एक घंटे बाद भी मोबाइल पर घंटी जाती रही। बबलू शनिवार को दिनभर अपने भाई और साले की खोज के लिए मलबे को निहारता रहा।रुद्रप्रयाग जनपद के जलई, बष्टी, उत्यासू और तिलवाड़ा के लापता हुए आशु, रणवीर, रोहित और प्रियांशु की खोजबीन के लिए उनके परिजन मौके पर पहुंचे हुए हैं। नम आंखों और उदास चेहरों के साथ परिजन मलबे के ढेर में रेस्क्यू के दौरान होती एक-एक हलचल को देख रहे हैं। दुख में उनके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे हैं। दूसरी तरफ लापता युवकों के घरों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
हादसे के बाद से गौरीकुंड के लोग दशहत में हैं। स्थानीय निवासी महेशानंद गोस्वामी बताते हैं जो मंजर उन्होंने देखा, वह बार-बार आंखों में घूम रहा है। यकीन नहीं हो रहा है कि सड़क से 50 मीटर ऊपरी से टूटी पहाड़ी के हिस्से से इतना बड़ा नुकसान हो सकता है। अब, उस तरफ जाने में भी डर लग रहा है। वहीं, गौरीशंकर गोस्वामी बताते हैं, केदारनाथ आपदा के बाद से गौरीकुंड की सुरक्षा, संरक्षण को लेकर कोई योजना बन ही नहीं पाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत एवं अभिनंदन देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री का देवभूमि आगमन प्रदेशवासियों के लिए खुशी और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने, नागरिकता संशोधन अधिनियम तथा तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को मजबूती प्रदान की गई है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से देश में शांति एवं विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वहीं, सहकार से समृद्धि अभियान के माध्यम से किसानों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का सम्मान करते हुए पृथक उत्तराखण्ड राज्य के सपने को साकार किया था। आज राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य आंदोलनकारियों की आकांक्षाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।