अकादमिक लेखन में हैं रोजगार की असीम संभावनाएं : डॉ विश्वनाथ राणा

उत्तराखण्ड

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा ) : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में एक आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया। अंग्रेजी विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप परियोजना कार्य एवं शोध-प्रबंध की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए “शोध-प्रबंध एवं परियोजना लेखन” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विश्वनाथ राणा एवं डॉ. रोहिताश थपलियाल ने अपने व्याख्यान में नई शिक्षा नीति 2020 को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए परियोजना कार्य एवं शोध-प्रबंध की अनिवार्यता और उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 के अंतर्गत शोध-आधारित शिक्षा, कौशल विकास, समालोचनात्मक चिंतन तथा व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता दी गई है। विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य को मौलिकता, तार्किकता और शैक्षणिक ईमानदारी के साथ पूर्ण करना चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक विभाग प्रभारी डीएस नेगी ने कहा कि महाविद्यालय में इस तरह के व्याख्यान शोध गतिविधियों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर डॉ. आर. के. चन्द्रियाल, डॉ. डी. एस. पंवार, मोहित कोठियाल, अंग्रेजी परिषद अध्यक्ष प्रेम सिंह आदि उपस्थित रहे।

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