देहरादून: पिथौरागढ़ जनपद के अस्कोट क्षेत्र में पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या के सनसनीखेज मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष कंडवाल ने धारचूला के पुलिस क्षेत्राधिकारी से फोन पर बातचीत कर घटना की पूरी जानकारी ली और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस जघन्य हत्याकांड की जांच पारदर्शी ढंग से की जाए और आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोरतम दंड दिलाया जाए।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी पति ने पत्नी के कथित अवैध संबंधों के शक में इस वारदात को अंजाम दिया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आयोग अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी प्रकार के वैवाहिक विवाद या संदेह के आधार पर हत्या जैसा कदम उठाना पूरी तरह अमानवीय और कानून का गंभीर उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की कि पारिवारिक या वैवाहिक विवाद की स्थिति में कानूनी रास्ता अपनाएं, न कि हिंसा का सहारा लें।
कंडवाल ने यह भी कहा कि यदि संबंधों में मतभेद दूर नहीं हो पा रहे हैं तो विधिक प्रक्रिया के तहत सम्मानजनक तरीके से अलग होना ही बेहतर विकल्प है। ऐसे मामलों में अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में इसका सख्त संदेश जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मामले की लगातार निगरानी की जाएगी और दोषी को सजा दिलाने तक आयोग सक्रिय रहेगा।
